में अनेक मुल्यवान वस्त्र हैं। उन्हें मिट्टी के मोल किसी ऐसे-गैरे के खरीदने से अच्छा है आप लोग उन्हें खरीद लें, इससे मुझे संतोष होगा। यदि आप जैसे सह्नदय उस नीलामी में च्ुप्पी साधकर बैठेंगे तो ह्नदयहीन लोग बोली लगाएंगे। आप मेरे देशबंधु दूर रहे तो कोई गोरा या नीम सार्जेंट सब लूट लेगा। इससे अच्छा है, यदि आप नीलामी में बोली लगाएंगे तो कपडे़ तथा सामान आपके बाल-बच्चों के काम आएगा। मैं समझूंगा ये वस्तुए सद्कार्य में आ गई। इस तरह मैंने उन सज्जन सिपाहियों को समझाने का प्रयास किया। दूसरे दिन उपनेत्र और गीता मुझे वापस लौटाई गई, परंतु मेरी कहकर नहीं, बंदियों को दिया जानेवाला सरकारी सामान कहकर।

अंदमान का चालान

आज काागृह में जहां देखो वहां एक ही गड़बड़ मची हुई थी। आज अंदमान का चालान आनेवाला था। चालान हमारे काराशास्त्र का एक पारिभाषिक शब्द है। कालेपानी का दंड


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ऐसे कारागृह में बंद हो गया था जो डोंगरी के कारागृह से भी कठोर एंकांत तथा निर्जन स्थिति में है। हां, दूर एक बंदी वाॅर्डर दिख रहा है। थोड़ी देर में भोजन आ गया। द्वार खोलते-खोलते उस अंग्रेज सार्जेंट ने, जिसे मेरे लिए भारतीय हवलदार के बदले हेतुपूर्वक भेजा गया था-इधर-उधर देखकर (ळववक कंल कहते हुए) राम-राम किया। मैंने धीरे से पूछा, ‘‘कौन सी जेल है?’’ उसने साथ के भारतीय बंदी को पता न चले, इसलिए स्पेल करते हुए बताया-ठलबनससं (भायखला)।


प्रकरण -2


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