में भी अपने कठोर निश्चय तथा अंगीकृत व्रत से वह लेशमात्र विचलित नहीं हुआ। वह मेरा अनुज। माता-पिता की छत्रच्छाया बाल्यावस्था में ही उठ जाने के कारण मैं ही उसका माता-पिता बन गया था। कल-परसों तक पल भर मुझसे दूर होने पर जो रोने लगता, वही मेरा छोटा भाई यहीं पर है, मेरी तरह ही बेड़ियों में जकड़ा हुआ तथा चक्की पीसने जैसा कठोर कार्य कर रहा है। मानो उसके ये सारे कष्ट कम थे, इसलिए उसे आज मेरे आजन्म कारावास का समाचार दिया जाएगा! मेरे आजन्म कारावास का उन्हें पता था, तथापि लगभग सभी को विश्वास था कि हेग में मैं छूट जाऊंगा और पुनः फ्रांस भेज दिया जाऊंगा। इसी आनंद में मेरे ये साथी अपने दुःख भूले हुए थे। परंतु अब उनका अंतिम आशा-तंतु टूट जाएगा। मैं सचमुच ही कालापानी जाऊंगा और यह समाचार मैं स्वयं उन्हें दूंगा। एक बड़े भाई तो पहले ही आजन्म कारावास पर कालापानी
सम्मान मिल रहा है। फ्रांस, जर्मनी आदि देशों के समाचार-पत्र आपकी तुलना बुल्फटोन-एमेट-मैजिनी के साथ कर रहे हैं ं ं ं । वे सज्जन आपसे मिलना चाहते थे परंतु मैंने उन्हें बताया कि यह असंभव है। परंतु कम-से-कम आपके दर्शन का तो लाभ हो- इस तीव्रतर इच्छा से वे आपके टहलने के समय सामनेवाली चाल में खडे़ रहेंगे, तनिक आप उधर नजर डालें। परंतु कल बंबई के एक एंेग्लों-इंडियन पत्र ने हेग के विशय में निर्णय लिखते समय आपके लिए जहर उगला है।’’
’’वह