लगा, ‘‘ मैं अंग्रेज नहीं हूं, आयरिश हूं। उसी कारण मेरे मन में तुम्हारे प्रति अनादर अथवा तिरस्कार उत्पन्न नहीं होता। इंग्लैंड में मैंने अपनी तरूणाई के दिन बिताए हैं और उन लोगों के सद्गुणों का मैं चाहनेवाला हूं। मैं यह इसलिए कह रहा हूं कि मैं आयरिश हूं- बचपन में मैंने भी आयरलैंड को अंगे्रजों के चंगुल से छुड़ाने के लिए छिड़े स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया था। परंतु अब मेरे मन ने पलटी खाई है। और देखो, मैं तुम्हें मित्रता के नाते यह कह रहा हूं। तुम अभी युवा हो, मैं तुमसे बड़ा हूं, तुमसे अधिक दुनिया देखी है।’’ (ल्वन ंतम ेजपसस लवनदहण् ठनज प् ंउ ंकअंदबमक पद ंहमण्) मैंने तुम्हें मुस्कराते हुए बीच में ही पूछा, ‘‘ ।दक कवदश्ज लवन जीपदा जींज चमतींचे जींज उंल इम जीम तमंेवद व िजीम बींदहम जींज ींे बवउम वअमत लवनघ् छवज पदबतमंेपदह ूपेकवउ इनज कूपदकसपदह


178 of 1280

समाचार ज्ञात ही नहीं हुआ हो और इसलिए मैं सहजतापूर्वक मद्रास शाखा की कुछ वार्त्ता उगलंूगा- मद्रास अधिकारियों में से एक भारतीय अधिकारी, जिन्होंने अंग्रेजी वेश धारण किया था- मुझसे मिले। सागर में अंदमान का जलयान ‘महाराजा’ आया हुआ है। सारे बंदी एक बड़ी सी नाव में ठेलाठेली करके उधर रवाना किए गए। बस मैं ही शेष रह गया था। इतने में मुझे ले जाने के लिए ये और अन्य एक-दो अधिकारी एक छोटी नाव के साथ आ गए। मैं उस छोटी नैया में बैठ गया। मैं स्वयं अपनी ओर से


178 of 2123