सफल नौसाधनों-अपनी जलसेना के साथ भारतभूमि वापस लौटा- इस तरह तत्कालीन लेखों में उसकी प्रशस्ति की गई है। इन यात्रियों तथा विजेताओं का -जो भिन्न-भिन्न समय पर गए हुए थे- पुरातन सुराग अभी तक कुछ अधिक उपलब्ध नहीं है। हम बंदीवास में थे, तब एक अधिकारी ने बताया था कि जब खुदाई का काम चल रहा था, उस समय प्राचीन राजमहल के अवशेष बरामद हुए थे। परंतु इसकी छानबीन करने का उचित अवसर हमें आज तक नहीं मिला कि यह समाचार कहां तक साधार था और उसके पश्चात् कौन-कौन से पुरावशेष उपलब्ध हुए। हां, इतना तो सिद्व हो गया कि भारतीयों की बस्ती तथा प्रशासन इस द्वीप पर कभी हुआ करता था।
अंदमान की स्थिति
तथापि ऐसा प्रतीत होता है कि इस बस्ती तथा प्रशासन का अंदमान के मूल निवासियों पर कुछ अधिक प्रभाव नहीं पड़ा। जिस तरह उन बस्तियों द्वारा की गई बुआई अथवा कृषि, वास्तकर्मो का प्रभाव उस द्वीप के प्रकृति निर्मित स्वरूप पर कुछ
रेलपेल होती और उसमें भी थोड़ी सी कर्तव्यनिष्ठा की गंध आती। मनुष्य स्वभाव कितना विचित्र है! ये अधम-से-अधम व्यक्ति यही समझते कि इस तरह बीभत्स हुल्लड़बाजी करना अपना परम कर्तव्य है। मन को जब तक यह समझ में नहंीं आता कि अधमता भी अपना एक कर्तव्य है-अधम व्यक्ति यही समझते कि इस तरह बीभत्स हुल्लड़बाजी करना अपना परम कर्तव्य है। मन को जब तक यह समझ में नहंीं आता कि अधमता भी अपना एक कर्तव्य है-अधम व्यक्ति सरेआम अधमता नहीं कर सकता। उन बंदियों